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| आइस एप्पल और बेल जैसे पारंपरिक भारतीय फल गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने, पाचन सुधारने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं। |
गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले आम का नाम आता है। आम को फलों का राजा कहा जाता है और भारत में इसकी लोकप्रियता किसी से छिपी नहीं है।
लेकिन तेज गर्मी, लू और पेट से जुड़ी परेशानियों के समय एक ऐसा पारंपरिक भारतीय फल भी है जिसे हमारे बुजुर्ग वर्षों से “प्राकृतिक कूलर” मानते आए हैं।
यह फल है आइस एप्पल और कई जगहों पर बेल (वुड एप्पल) भी गर्मियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
हाल के दिनों में इन दोनों पारंपरिक फलों को लेकर लोगों की रुचि फिर से बढ़ी है क्योंकि ये शरीर को ठंडक देने, डिहाइड्रेशन रोकने और पाचन सुधारने में मदद करते हैं।
भारत के अलग-अलग राज्यों में आइस एप्पल को अलग नामों से जाना जाता है। पश्चिम बंगाल में इसे “ताल”, तमिलनाडु में “नुंगु” और कुछ जगहों पर “ताड़गोला” कहा जाता है।
वहीं बेल फल का उपयोग सदियों से शरबत और आयुर्वेदिक उपचारों में किया जाता रहा है। दोनों ही फल गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए प्रसिद्ध हैं।
आइस एप्पल क्या होता है?
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आइस एप्पल ताड़ के पेड़ से मिलने वाला एक पारदर्शी, जेली जैसा फल होता है। देखने में यह लीची और नारियल के मिश्रण जैसा लगता है।
इसका स्वाद हल्का मीठा और बेहद ताजगी देने वाला होता है। गर्मियों में सड़क किनारे यह फल आसानी से मिल जाता है और दक्षिण भारत में इसे बहुत पसंद किया जाता है।
इस फल में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिसके कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है।
गर्म हवाओं और पसीने के कारण शरीर में जो पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होती है, उसे पूरा करने में यह उपयोगी माना जाता है।
बेल फल क्यों माना जाता है “नेचुरल एसी”?
बेल फल बाहर से कठोर होता है लेकिन अंदर का गूदा बेहद पौष्टिक और ठंडक देने वाला होता है। भारत में बेल का शरबत सदियों से गर्मियों में पिया जाता रहा है। आयुर्वेद में इसे पेट और पाचन के लिए बहुत लाभकारी माना गया है।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार बेल शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और लू से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही यह पाचन तंत्र को शांत रखता है और गर्मियों में होने वाली कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।
गर्मियों में शरीर को कैसे ठंडा रखते हैं ये फल?
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गर्मी के मौसम में शरीर लगातार पसीना छोड़ता है जिससे पानी और मिनरल्स की कमी होने लगती है। आइस एप्पल और बेल दोनों में प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं जो शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
आइस एप्पल में सोडियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स होते हैं जो डिहाइड्रेशन को कम करने में मदद कर सकते हैं। वहीं बेल शरीर को अंदर से ठंडक देने वाला फल माना जाता है और इसका शरबत लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
पाचन के लिए क्यों फायदेमंद हैं?
गर्मियों में बहुत से लोगों को पेट भारी लगना, गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसका एक कारण शरीर में पानी की कमी और गर्म मौसम होता है।
आइस एप्पल में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह पेट पर हल्का होता है और गर्मियों में होने वाली जलन और भारीपन को कम कर सकता है।
दूसरी ओर बेल फल को पारंपरिक रूप से पेट की समस्याओं के लिए उपयोग किया जाता रहा है। बेल का गूदा फाइबर से भरपूर होता है और यह आंतों को स्वस्थ रखने में सहायक माना जाता है।
कई लोग गर्मियों में रोजाना बेल शरबत पीना पसंद करते हैं क्योंकि इससे पेट ठंडा रहता है और कब्ज की समस्या कम हो सकती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक
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गर्मियों में केवल गर्मी ही नहीं बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
आइस एप्पल में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक हो सकते हैं। बेल में भी विटामिन C और कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जिन्हें आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है।
पारंपरिक भारतीय ज्ञान की वापसी
आज लोग महंगे एनर्जी ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन भारतीय परंपरा में पहले से ऐसे प्राकृतिक विकल्प मौजूद थे जो शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए राहत देते थे।
बेल शरबत, छाछ, सत्तू और आइस एप्पल जैसे खाद्य पदार्थ वर्षों से भारतीय गर्मियों का हिस्सा रहे हैं।
सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी अब लोग फिर से इन पारंपरिक फलों की तरफ लौट रहे हैं। कई लोग बेल को “समर सुपरफूड” और “गट हेल्थ हीरो” कह रहे हैं।
आइस एप्पल और बेल का सेवन कैसे करें?
आइस एप्पल खाने का तरीका
- इसे सीधे छीलकर खाया जा सकता है।
- ठंडा करके खाने पर इसका स्वाद और बेहतर लगता है।
- कुछ लोग इसे दूध या शरबत में मिलाकर भी सेवन करते हैं।
बेल का सेवन कैसे करें?
- बेल का शरबत सबसे लोकप्रिय तरीका है।
- इसके गूदे को पानी और गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर पिया जाता है।
- कुछ जगहों पर इससे खीर और मिठाइयाँ भी बनाई जाती हैं।
क्या सभी लोग इसका सेवन कर सकते हैं?
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हालांकि ये फल प्राकृतिक और पौष्टिक माने जाते हैं, लेकिन किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
डायबिटीज, पेट की गंभीर समस्या या किसी विशेष बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार सेवन करना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित मात्रा में मौसमी फलों का सेवन शरीर के लिए सबसे अच्छा होता है।
निष्कर्ष
गर्मियों में केवल स्वाद ही नहीं बल्कि शरीर की जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। आम भले ही लोगों का पसंदीदा फल हो, लेकिन आइस एप्पल और बेल जैसे पारंपरिक भारतीय फल शरीर को ठंडक देने, पानी की कमी दूर करने और पाचन सुधारने में बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं।
आज जब लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक खानपान की ओर लौट रहे हैं, तब ये देसी फल एक बार फिर अपनी खास पहचान बना रहे हैं।
यदि आप भी गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडा और पेट को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इस बार अपने आहार में इन पारंपरिक फलों को जरूर शामिल करें।
